Funny Story in Hindi

Funny Story in Hindi – ‘चोर को मात देने के लिए चोर की तरह सोचो..

Funny story in hindi – नमस्कार दोस्तों, मैं अनिरुद्ध आप सभी का फिर से स्वागत करता हूँ मेरे ब्लॉग TravelHindi.com पर| दोस्तों आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ एक funny story in hindi | आज की hindi funny story आपको हँसाएगी भी और अंत में एक moral ज्ञान भी देगी|

आज की funny story in hindi में दो characters है, एक हीरे का businessman जिसका नाम आनंद है और दूसरा एक चोर है| तो चलिए शुरू करते है आज का comedy story in hindi |

Funny Story in Hindi
Funny Story in Hindi

Funny story in hindi – हीरों को चोरी करने का प्लान

दोस्तों हीरे के बिज़नेस में एक नियम होता है की जब कोई बड़ी deal कहीं पहुंचानी होती है तो कोई भरोसे वाला आदमी खुद हीरों को एक जगह से दूसरे जगह लेकर जाता है| ठीक उसी तरह आनंद जो एक हीरों का व्यापारी था दिल्ली से बैंगलोर ट्रैन में जा रहा था| Deal 10 लाख की थी इसलिए 10 लाख के हीरों को एक छोटे से hand bag में डालकर वो दिल्ली से ट्रैन पर चढ़ पड़ा|

लेकिन किसी तरह एक चोर नंदू को पता चल गया की इस सेठ के पास 10 लाख के हीरे है| वो भी gentleman के dress पहनकर उसी डिब्बे में चढ़ गया जिसमे आनंद चढ़ा था| अभी ट्रैन में चढ़ने के बाद नंदू ने जैसे तैसे आनंद सेठ से दोस्ती कर ली|

बातों बातों में आनंद सेठ को पता चल गया की नंदू चोर है क्योकि वो कहते है ना, “अति भक्ति, चोर के लक्षण”| चूँकि आनंद सेठ के मारवाड़ी businessman था इसलिए वो ऐसे चोरों के रग रग से वाकिफ था| लेकिन आनंद ने चोर को ये पता चलने नहीं दिया की वो नंदू की असलियत जान चूका है| आनंद ने तो बस ठान लिया था की किसी तरह भी इस हीरे के बैग को नंदू से बचाकर रखना है|

और दूसरी तरफ नंदू मन ही मन ये सोचता रहा की सेठ पूरी तरह से उसकी बातों में आ चूका है| अब रात को जब सेठ सोयेगा तो वो बैग साफ़ करके अगले किसी स्टेशन में उतर जायेगा|

Funny story in hindi – सेठ का नहले पर दहला

नंदू ने पूरा प्लान अपने दिमाग में बैठा लिया था| वो शाम 5 बजे अपने seat पर सो गया, ताकि रात को आराम से जागकर वो बैग साफ़ कर सके| लेकिन आनंद सेठ नंदू से एक कदम आगे की सोचता था| जब नंदू गहरी नींद में था तो उसने चुपके से हीरों का बैग नंदू के बैग में डाल दिया और आराम से बैठ गया|

रात के 9:30 बजे नंदू की नींद खुली| खाना आ चूका था| दोनों ने अपने अपने seat पर बैठकर खाना ख़तम किया| लगभग 10:30 को सेठ आनंद सो गया| जब नंदू ने देखा की सेठ गहरी नींद में है तो उसने सेठ की तलाशी शुरू की| नंदू ने सेठ की जेब देखी, बैग देखा, उसके seat की भी तलाशी ली लेकिन वो हीरे का बैग नहीं मिला| नंदू सोच में पड़ गया!

उसने फिर रात के 1 बजे तलाशी ली क्योकि उसका मन नहीं मान रहा था| क्योकि वो 9 बजे तक सो रहा था इसलिए उसको नींद भी नहीं आ रही थी और ऊपर से बैग ना ढूंढ पाने की वजह से वो मन ही मन परेशान भी हो रहा था|

Funny story in hindi – आनंद सेठ ने नंदू को मामू बनाया

थोड़ी देर बाद सोचते सोचते नंदू को नींद आ गयी| इतने में आनंद सेठ सुबह के 5 बजे उठ गया| उठकर उसने देखा की नंदू गहरी नींद में है| उसने चुपके से अपना हीरो का बैग नंदू के बैग से निकल लिया और अपने पास रख लिया|

इतने में 6 बजे नंदू भी उठ गया| नंदू ने उठकर ही आनंद सेठ को पहली नज़र में देखा| आनंद सेठ मस्त चाय की चुस्की ले रहा था| नंदू के पास एक और रात थी क्योकि कल सुबह ट्रैन बैंगलोर पहुंचने वाला था|

नंदू ने दिन भर आनंद सेठ से बात की और बातों बातों में हर एक चीज़ जानने की कोशिश की| लेकिन कुछ ख़ास जान नहीं पाया| नंदू ये सोचने लगा की कहीं उसके खबरी ने गलत information तो नहीं दी? लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है| इस से पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ|

नंदू ने फिर मन ही मन ठान लिया की आज की रात वो हीरो का बैग आनंद सेठ से चुरा के रहेगा| फिर शाम होते होते नंदू जल्दी सो गया|

और दोबारा आनंद सेठ ने जब देखा की नंदू गहरी नींद में है तो उसने अपने हीरो का बैग नंदू के बैग में रख दिया| नंदू रात के 10 बजे उठा| उसने देखा आनंद सेठ रात का खाना खा रहे थे| नंदू मन ही मन ये सोच रहा था, “सेठ खा लो लजीज खाना आज आखिरी बार, कल आप रास्ते में होंगे”|

Funny story in hindi – आनंद सेठ ने दोबारा नंदू को मामू बनाया

आनंद सेठ ने मस्त खाना खाया, धकार मारी और जल्दी सो गया| आनंद सेठ के सोने के बाद नंदू ने जल्दी अपना खाना ख़तम किया और सोने का नाटक करने लगा|

ठीक रात के 12 बजे नंदू ने तलाशी शुरू कर दी| उसने हर जगह तलाश किया लेकिन वो हीरो का बैग फिर उसे नहीं मिला| वो फिर परेशान हो गया| फिर दोबारा रात के 1:30 बजे उसने ढूंढ़ना शुरू किया, लेकिन इस बार भी उसे नहीं मिला| नंदू परेशान होकर थक कर सो गया|

6 बजे आनंद सेठ उठे और चाय पीते पीते अपना बैग नंदू के बैग से निकाला| तब नंदू गहरी नींद में था| लगभग 7 बजे नंदू एकदम से उठा, और फिर पहली नज़र आनंद सेठ की ओर देखा| इस बार आनंद सेठ उसकी तरफ देख कर मुस्कुराये|

नंदू समझ गया था की आनंद सेठ उसे 2 दिनों से ट्रैन में मामू बना रहा था|

Comedy story in hindi – बैंगलोर station आ गया

ट्रैन बैंगलोर पहुंच चुकी थी, और आनंद सेठ अपना सामान पैक कर रहे थे| उतरने से पहले नंदू ने आनंद सेठ से पूछा-

नंदू – सेठ इतना तो मुझे पता चल गया है आज सुबह की आप मेरी असलियत जान चुके हो| लेकिन मुझे इतना बता दो की वो हीरो एक बैग आख़िर है कहाँ? क्योकि मेरा खबरी कभी गलत information दे ही नहीं सकता| हीरो का बैग तो आपके पास ही है!!

आनंद सेठ – तुम्हारा खबरी एकदम सही है, और इस बार भी उसने तुम्हे एकदम सही information दिया था|

फिर आनंद सेठ ने पूरी बात नंदू को बताई, कि कैसे इन 2 दिनों तक उसने नंदू को मामू बनाया| और अंत में नंदू से सिर्फ एक बात कहीं, “कभी कभी चोर को मात देने के लिए चोर कि तरह सोचना पड़ता है“|

आज की हिंदी कहानी funny भी थी और हमे बहुत कुछ सीखा भी गई| आनंद सेठ सफर के दौरान जब नंदू से बातें कर रहा था तो नंदू के अति-भक्ति nature से सेठ को doubt हुआ| ऐसी चोरी इस से पहले कई बात दिल्ली शहर में हो चुकी थी, और अख़बार में निकल भी चूका था| आनंद सेठ एक व्यापारी था इसलिए ऐसे crime खबरों के बारे में पढ़ना और जानकारी रखना बहुत पसंद करता था|

Final words-

तो दोस्तों कैसी लगी आपको ये funny story in hindi ? मैं उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आयी होगी| ऐसी और भी hindi stories के लिए मेरे ब्लॉग TravelHindi.com के साथ बने रहे| आज के लिए सिर्फ इतना ही| मैं बहुत जल्द आपके लिए एक और नई hindi story लेकर आऊंगा|

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